फ्रंट पेज न्यूज़ बिलासपुर।
हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, चिट्टे के बढ़ते नेटवर्क और नशे के खिलाफ उठ रही जनआवाज़ पर दर्ज एफआईआर को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज बिलासपुर जिला मुख्यालय में सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। यह विरोध लघट क्षेत्र में नशे के खिलाफ खड़ी हुई महिलाओं पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ था, जिसे भाजपा ने “जन-आवाज़ का दमन” करार दिया।
“यह नीति समाज के लिए खतरनाक संकेत”
धरने को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, लेकिन सरकार सौदागरों पर हाथ डालने के बजाय उन माताओं-बहनों को निशाना बना रही है, जो अपने बच्चों को चिट्टे की गिरफ्त से बचाने के लिए सड़क पर उतरी हैं। उन्होंने चेताया कि यह रवैया समाज के लिए खतरनाक संकेत है और अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यही नशा एक दिन सत्ता के लिए भी निर्णायक साबित होगा।
“इवेंट नहीं, इच्छाशक्ति चाहिए”
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा नशे के खिलाफ आयोजित वॉकथॉन और प्रचार अभियानों पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने इन्हें “दिखावटी कदम” बताया। उनका कहना था कि नशा इवेंट से नहीं, बल्कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, कड़ी पुलिस कार्रवाई और माफिया पर सीधी चोट से खत्म होता है।
लघट प्रकरण और पुलिस पर दबाव का आरोप
जयराम ठाकुर ने लघट मामले का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि आखिर किसके इशारे पर नशे के खिलाफ खड़ी महिलाओं पर एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पर माफिया का दबाव है और यही वजह है कि असली दोषियों के बजाय आवाज़ उठाने वालों को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के दौरान नशे के खिलाफ संयुक्त एक्शन प्लान बनाया गया था। पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बैठकों के जरिए बड़े तस्करों तक पहुंच बनाई गई और कई अहम गिरफ्तारियां हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही दृढ़ता गायब है, जबकि सरकारी मंचों पर माफिया का प्रभाव बढ़ता दिख रहा है।
राजनीतिक संदेश साफ
धरना-प्रदर्शन के जरिए भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशे के खिलाफ उठ रही जन-आवाज़ के साथ खड़ी रहेगी और महिलाओं पर की गई कार्रवाई का हर स्तर पर विरोध करेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार यदि सच में युवाओं का भविष्य बचाना चाहती है, तो उसे प्रचार से आगे बढ़कर जमीन पर कठोर फैसले लेने होंगे—वरना जनता जवाब देने में देर नहीं लगाएगी।
मुख्य चित्र AI निर्मित











