ठाकुर वेदराम की स्मृति में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार होंगे प्रदान
फ्रंट पेज न्यूज़ शमशी (कुल्लू)
सहकारिता और हथकरघा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महान व्यक्तित्व स्वर्गीय ठाकुर वेदराम की स्मृति में हर वर्ष आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह इस बार 21 अप्रैल 2025 को भुट्टिको सभागार में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर देश-विदेश की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को उनके विशेष योगदान के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।


भुट्टिको के अध्यक्ष एवं पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष तथा पूर्व बागवानी मंत्री ठाकुर सत्य प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन ठाकुर वेदराम के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठाकुर वेदराम ने सहकारिता और हथकरघा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, और यह पुरस्कार उनके योगदान को स्मरण करते हुए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदान किए जाते हैं।

चयनित पुरस्कार विजेता (वर्ष 2025–26)
सहकारिता क्षेत्र
अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार: श्री डब्ल्यू.यू. हॅराथ (श्रीलंका)
राष्ट्रीय पुरस्कार:
श्री सुभाष चन्द आर्य (नागौर, राजस्थान)
श्री करनैल राणा (पूर्व अध्यक्ष, हिमकोफैड, नूरपुर, कांगड़ा)
बुनकर (हथकरघा) क्षेत्र
श्री विश्वनाथ सुम्मा (कुल्लू)
श्री जुगत राम (कुल्लू)
श्री राजू (भुंगल, कुल्लू)
साहित्य क्षेत्र
श्री गणेश गनी भारद्वाज (कुल्लू)
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
श्री संजीव शर्मा (एडिटर, डिजिटल एडिशन, दैनिक सवेरा, जालंधर)
प्रिंट मीडिया
श्री रविन्द्र वशिष्ठ (स्थानीय संपादक, अमर उजाला, शिमला)
लोक साहित्य एवं संस्कृति
पुरोहित चन्द्र शेखर वेवस लोक साहित्य राष्ट्रीय पुरस्कार:
डॉ. हेमेन्द्र वाली (कुमारसैन, शिमला)
चांद कुल्लवी लाल चंद प्रार्थी पहाड़ी कला-संस्कृति राष्ट्रीय पुरस्कार:
सविता सहगल (सिरमौर, हिमाचल प्रदेश)
पहाड़ी भाषा साहित्य
ठाकुर मौलू राम राष्ट्रीय पुरस्कार:
श्री यतिन पंडित (कुल्लू)
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
श्री राजेन्द्र राजन (हमीरपुर)
डॉ. कमला सैनी रत्तू (जालंधर)
यह सम्मान समारोह 21 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे भुट्टिको सभागार में आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी।

यह आयोजन न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करता है, बल्कि सहकारिता, हथकरघा, साहित्य, मीडिया और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में प्रेरणा का स्रोत भी बनता है। ठाकुर वेदराम की विरासत को आगे बढ़ाते हुए यह समारोह समाज में सकारात्मक योगदान देने वाली प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच














