फ्रंट पेज न्यूज़ भुंतर।
नगर पंचायत नगर पंचायत भुंतर की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव नियमानुसार पारित हो गया। इस अहम बैठक में नगर पंचायत के सभी सात वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव पर विधिवत मतदान कराया गया।
बहुमत ने बदली तस्वीर
अविश्वास प्रस्ताव पर हुई लंबी और विस्तृत चर्चा के बाद सात में से पांच पार्षद—मीना ठाकुर, अजय किशोर, कर्ण ठाकुर, उर्मिला देवी और पवन कुमार—ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। बहुमत स्पष्ट होने के बाद एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को पारित घोषित किया। इसके साथ ही प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए डिप्टी कमिश्नर कुल्लू के पास भेज दिया गया।
कानून के दायरे में पूरी प्रक्रिया
एसडीएम निशांत ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की गई। उन्होंने बताया कि समय-सीमा, कोरम और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया तथा सभी पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया, ताकि किसी प्रकार की प्रक्रिया संबंधी आपत्ति न रहे।
अध्यक्ष पद से विदाई तय
अविश्वास प्रस्ताव के पारित होते ही नगर पंचायत अध्यक्ष रविंद्रा डोगरा की अध्यक्ष पद से विदाई तय मानी जा रही है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है, क्योंकि नगर पंचायत में सत्ता के समीकरण बदलने के संकेत अब पूरी तरह साफ हो चुके हैं।
अब निगाहें आगे की रणनीति पर
अब भुंतर की स्थानीय राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अध्यक्ष पद की कमान किसे सौंपी जाएगी और नगर पंचायत में नई सत्ता संरचना किस दिशा में आकार लेगी। अंतिम तस्वीर प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि भुंतर नगर पंचायत की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।
भुंतर नगर पंचायत में सत्ता बदलाव की पटकथा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, कांग्रेस को झटका

















