फ्रंट पेज न्यूज कुल्लू।
भुंतर क्षेत्र में हुई यह घटना सिर्फ एक लूट नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के मुंह पर सीधा तमाचा है। एक व्यक्ति खुलेआम खुद को पुलिस अधिकारी बताकर आम नागरिक को लूट लेता है—और यह सवाल छोड़ जाता है कि आखिर असली पुलिस की मौजूदगी का डर अपराधियों में बचा भी है या नहीं।
दिनांक 27.03.2026 को थाना भुंतर में शिकायतकर्ता दिले राम की शिकायत पर अभियोग संख्या 46/26 के तहत धारा 319(2) और 307 बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के मुताबिक, 26.03.2026 को एक शातिर आरोपी ने पुलिस अधिकारी का रूप धारण कर ₹5000 की नकदी छलपूर्वक छीन ली और मौके से फरार हो गया। यह वारदात न केवल सुनियोजित थी, बल्कि इसने पुलिस की साख को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।
हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी मोहित शर्मा (34 वर्ष), निवासी ढालपुर, कुल्लू को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन असली सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। न तो छीनी गई नकदी बरामद हुई है और न ही वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी का कोई सुराग मिला है। क्या यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है? या फिर जांच में कहीं न कहीं ढिलाई बरती जा रही है?
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि एक आम नागरिक को यह समझ ही नहीं आया कि सामने खड़ा व्यक्ति असली पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि एक ठग है। इसका सीधा मतलब है कि अपराधी अब वर्दी और पहचान का खुला दुरुपयोग कर रहे हैं—और सिस्टम इसे रोक पाने में असफल नजर आ रहा है।
पुलिस का दावा है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही बाकी बरामदगी भी कर ली जाएगी। लेकिन जब तक ठोस नतीजे सामने नहीं आते, तब तक यह घटना सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बनी रहेगी।















