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कचरा निष्पादन की बदहाल व्यवस्था बनी जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बंजार में शहरी निकायों की संयुक्त बैठक, निदेशक नीरज चड्डा ने दिए आश्वासन

फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।

प्रदेश में गीले व सूखे कचरे के निष्पादन की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उचित निस्तारण न होने के कारण जगह-जगह गंदगी फैल रही है, जो सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत चिंताजनक है। कुल्लू जिला के मनाली, कुल्लू, भुंतर और बंजार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की ठोस व प्रभावी व्यवस्था का अभाव साफ दिखाई देता है।

इन्हीं समस्याओं को लेकर आज बंजार में हिमाचल प्रदेश शहरी एवं स्थानीय निकाय निदेशक Neeraj Chadda की अध्यक्षता में बंजार, कुल्लू, मनाली और भुंतर नगर परिषदों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में कचरा प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था, टैक्स सर्वे तथा जन-सुविधाओं के रखरखाव से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

जीआईएस सर्वे को लेकर उठ रहे सवालों पर निदेशक नीरज चड्डा ने स्पष्ट किया कि यह सर्वे केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है और इसी के आधार पर केंद्र से फंड प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को सर्वे या टैक्स निर्धारण को लेकर आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

बंजार क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था पर पूछे गए सवाल के जवाब में निदेशक ने बताया कि सरकार की ओर से फंडिंग उपलब्ध कराई जा रही है। यदि क्रियान्वयन में कहीं भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है, तो उसे गंभीरता से लेकर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

जन-सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जिन सड़कों, नालियों और अन्य विकास कार्यों का निर्माण हो चुका है, उनका नियमित रखरखाव संबंधित नगर पंचायतों की जिम्मेदारी है। समयबद्ध रखरखाव से ही स्वच्छता, जल-निकासी और नागरिक सुविधाओं में सुधार संभव है।

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