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बंजार शहर को मिलेगी बड़ी सौगात: 17 करोड़ की सीवरेज स्कीम से जुड़ेंगे 790 घर, बिछेगी 9.5 किमी लंबी पाइप लाइन

फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
नगर पंचायत बंजार की वर्षों पुरानी बहुप्रतीक्षित सीवरेज योजना अब हकीकत का रूप लेने जा रही है। 17 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रथम चरण में नगर पंचायत बंजार के 790 घरों को सीवरेज प्रणाली से जोड़ा जाएगा। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार पूरे शहर की मल निकासी दो प्रमुख पाइप लाइनों के माध्यम से की जाएगी।
इस ऐतिहासिक परियोजना के शुरू होते ही सहायक अभियंता जल शक्ति उपमंडल बंजार रोहित डोगरा ने नगर पंचायत सभागार में एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता नगर पंचायत बंजार की अध्यक्षा आशा शर्मा ने की। बैठक में सीवरेज स्कीम का पूरा खाका प्रस्तुत किया गया और इसके तेज व सुचारू कार्यान्वयन को लेकर जनप्रतिनिधियों व स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे गए।


दो बड़ी लाइनों से होगी पूरे शहर की मल निकासी
इस योजना के अंतर्गत:
पहली प्रमुख लाइन वार्ड नंबर 5 की तलहटी (खंड के किनारे) से होती हुई सब्जी मंडी के रास्ते सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगी।
दूसरी प्रमुख लाइन नेशनल हाईवे-305 के अंतर्गत घेलीगाड़ पुल से लेकर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस चौक तक बिछाई जाएगी।
इन दोनों लाइनों की कुल लंबाई लगभग 9 किलोमीटर 500 मीटर होगी।


जनसहयोग से होगा काम, बनाई गईं 5 कोऑर्डिनेशन कमेटियां
योजना के निर्माण में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को समय रहते सुलझाने के लिए नगर पंचायत बंजार के वार्ड नंबर 1 से 5 तक के निर्वाचित पार्षदों की अध्यक्षता में 5 कोऑर्डिनेशन कमेटियों का गठन किया गया है। इन कमेटियों में संबंधित वार्ड के पार्षदों के साथ-साथ स्थानीय स्टेकहोल्डर और लाभार्थी भी शामिल किए गए हैं।
दूसरे चरण में, जो लाइन नेशनल हाईवे से होकर गुजरेगी, उसके लिए अलग कमेटियां गठित की जाएंगी।
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मिली मंजूरी
सहायक अभियंता रोहित डोगरा ने बताया कि लंबे समय से प्रक्रिया में अटकी इस योजना को तब “संजीवनी” मिली, जब हाल ही में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रिंसिपल अप्रूवल प्राप्त हुई। इसके बाद विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से कार्य को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि इस योजना में नगर पंचायत बंजार के अलावा ग्राम पंचायत बालागाड़ और ग्राम पंचायत मंगलौर के कुछ वार्डों को भी शामिल करने का प्रावधान है।
भूमि मालिकों के हितों का रखा जाएगा पूरा ध्यान
रोहित डोगरा ने स्पष्ट किया कि विभाग किसी भी निजी भूमि मालिक को नुकसान पहुंचाने के पक्ष में नहीं है। जहां तक संभव होगा, नुकसान से बचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। अगर कहीं छोटी-मोटी समस्या आती है, तो गठित कमेटियां विभाग, लाभार्थियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर मौके पर ही समाधान करेंगी, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो।
क्यों जरूरी है बंजार के लिए सीवरेज?
उन्होंने कहा कि बंजार जैसे कस्बे में जब हजारों घरों का वेस्ट वॉटर बिना उचित प्रबंधन के निकलता है, तो इससे भूमि कटाव, जमीन धंसने और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसलिए सीवरेज प्रणाली बंजार शहर के लिए बेहद आवश्यक और समय की मांग है।
पूरे शहर को होगा सीधा लाभ
यह योजना बंजार शहर के हर भू-मालिक, कारोबारी, स्टेकहोल्डर और आम नागरिक के लिए लाभकारी साबित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की सूझबूझ के चलते इस योजना के बजट को किसी दूसरी स्कीम में डाइवर्ट नहीं होने दिया गया और अब मंजूरी मिलते ही काम तेजी से पूरा किया जाएगा।

इस अवसर पर नगर पंचायत बंजार की अध्यक्षा आशा शर्मा ने जल शक्ति विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह योजना बंजार शहर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
बैठक में नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रकाश विशिष्ट, स्टेकहोल्डर समिति के महासचिव टी.सी. महंत, पार्षद उर्मिला नेगी, मनोनीत पार्षद गुलशन कुमार, गीता सागर, मोहनलाल, पूर्व पार्षद विवेक शर्मा, अंशुल शर्मा, यज्ञ चंद भूमासी, संगत राम कुलवी, जल शक्ति विभाग की कनिष्ठ अभियंता, नगर पंचायत के कनिष्ठ अभियंता गोपाल चौहान सहित अनेक कर्मचारी व स्टेकहोल्डर उपस्थित रहे।

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