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“बंजार की अनदेखी नहीं, सुनियोजित उपेक्षा — सरकार जवाब दे: विधायक शौरी”


फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार/शिमला
बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र शौरी ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “असंतुलित, भेदभावपूर्ण और वास्तविकताओं से दूर” करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट बंजार क्षेत्र की पूरी तरह अनदेखी करता है और इसे विकास की मुख्यधारा से पीछे धकेलने का प्रयास प्रतीत होता है।


विधायक शौरी ने कहा कि भले ही इस वर्ष का बजट वक्तव्य 100 से अधिक पृष्ठों में विस्तृत आंकड़ों के साथ प्रस्तुत किया गया हो, लेकिन उसमें बंजार विधानसभा क्षेत्र का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो कोई नई योजना घोषित की गई है और न ही क्षेत्र के लिए कोई विशेष प्रावधान किया गया है, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।


उन्होंने आरोप लगाया कि बजट केवल कुछ चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित रह गया है, जहां करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की घोषणाएं की गई हैं, जबकि भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बंजार क्षेत्र को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि बंजार क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा है। भारी जान-माल की क्षति, सैकड़ों परिवारों का विस्थापन और कई गांवों का अस्तित्व समाप्त होने जैसी गंभीर स्थितियों के बावजूद बजट में न तो पुनर्वास के लिए ठोस नीति दिखाई देती है और न ही पीड़ितों के लिए कोई विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है।

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राष्ट्रीय राजमार्ग NH-305 का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है, लेकिन बजट में इसका उल्लेख तक नहीं किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर गंभीर नहीं है।
पर्यटन क्षेत्र को लेकर भी विधायक ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जहां अन्य क्षेत्रों में नए पर्यटन ढांचे और सुविधाओं की घोषणाएं की जा रही हैं, वहीं जीभी, सैंज और तीर्थन घाटी जैसे अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके पर्यटन स्थलों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था के साथ अन्याय बताया।


विधायक शौरी ने कहा कि यह बजट न तो आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम प्रस्तुत करता है और न ही टिकाऊ विकास का स्पष्ट रोडमैप देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा को लेकर भी इसमें कोई ठोस दृष्टि नजर नहीं आती।
अंत में उन्होंने कहा,
“यह बजट विकास का नहीं, बल्कि कर्ज, भ्रम और खोखली घोषणाओं का दस्तावेज़ है। इसमें समस्याओं का उल्लेख तो है, लेकिन समाधान का अभाव है।”
विधायक ने बजट का कड़ा विरोध करते हुए सरकार से मांग की कि बंजार विधानसभा क्षेत्र के साथ हो रहे भेदभाव को तुरंत समाप्त किया जाए और क्षेत्र के लिए ठोस, समयबद्ध एवं प्रभावी विकास योजनाएं लाई जाएं।

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