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बंजार में पेंशनरों का रोष फूटा, लंबित देनदारियों के भुगतान को लेकर सरकार को 15 अप्रैल तक अल्टीमेटम।



एरियर, डीए, ग्रेच्युटी सहित करोड़ों की देनदारियां लंबित; संघर्ष की चेतावनी


फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार (कुल्लू),
हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संघ, खण्ड बंजार की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक शनिवार को लारजी स्थित विश्राम गृह में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खण्ड अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान ने की, जबकि प्रदेशाध्यक्ष L.R. Gulshan मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


बैठक में पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों और वित्तीय देनदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेशाध्यक्ष एल.आर. गुलशन ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तथा उसके बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और पेंशनरों को अभी तक संशोधित वेतनमान का एरियर, संशोधित पेंशन, ग्रेच्युटी, 40 प्रतिशत पेंशन कम्यूटेशन, लीव इनकैशमेंट और मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि जुलाई 2023 से देय 13 प्रतिशत महंगाई भत्ते की पांच किस्तें तथा जनवरी 2022 से लंबित महंगाई भत्ते के एरियर (करीब 145 महीनों का) भी अब तक जारी नहीं हुआ है।

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एल.आर. गुलशन ने आरोप लगाया कि Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देकर जानबूझकर पेंशनरों की करोड़ों रुपये की देनदारियों को टाल रही है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पारित बजट में पेंशनरों के बकाया भुगतान हेतु कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जिससे पेंशनरों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

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प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पेंशनर लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिल भी चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित देनदारियों का एकमुश्त भुगतान नहीं किया गया, तो पेंशनर “आर-पार की लड़ाई” के लिए मजबूर होंगे।
आंतरिक मतभेदों पर भी टिप्पणी
बैठक में पेंशनरों के विभिन्न संगठनों के बीच चल रहे मतभेदों पर भी चिंता जताई गई। एल.आर. गुलशन ने संयुक्त संघर्ष समिति और पेंशनर फ्रंट के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया कि वे पेंशनरों की मांगों को मजबूती से उठाने के बजाय आपसी वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हुए हैं।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित नेता सरकार के साथ नजदीकियां बढ़ाकर व्यक्तिगत हित साधने में लगे हैं, जिससे पेंशनरों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भुंतर खंड महासचिव खुशहाल चंद नेगी, कुल्लू शहरी इकाई अध्यक्ष तेज सिंह ठाकुर, कोषाध्यक्ष भगतराम ठाकुर, महासचिव शेर सिंह ठाकुर, हीरा लाल, नरोत्तम शलाथ, ज्ञान चंद सहित अनेक पेंशनर मौजूद रहें।
बंजार में आयोजित यह बैठक साफ संकेत देती है कि हिमाचल में पेंशनरों का असंतोष लगातार बढ़ रहा है। यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है।

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