फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड (राज्य सरकार का उपक्रम) की ओर से विद्युत उपमण्डल बंजार के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में घरों और दुकानों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था को लेकर आम जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे लेकर आशंकित हैं कि कहीं बिजली का बिल ज्यादा न आ जाए, जबकि कई लोग इसे समय के साथ कदम मिलाती आधुनिक तकनीक के रूप में देख रहे हैं।
विद्युत विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य उपभोक्ताओं को डराना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी बिजली खपत को लेकर अधिक सजग और पारदर्शी जानकारी देना है। इन मीटरों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब मीटर रीडिंग के लिए किसी कर्मचारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही गलत रीडिंग या एवरेज बिल जैसी समस्याएं रहेंगी।
स्मार्ट मीटर की मदद से उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप पर यह साफ़ देख सकते हैं कि किस दिन और किस समय कितनी बिजली की खपत हुई। इससे अनावश्यक बिजली खर्च पर नियंत्रण पाना आसान हो जाएगा और उपभोक्ता चाहें तो अपनी आदतों में बदलाव कर बिल कम कर सकते हैं।
हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। यदि किसी घर या दुकान की वायरिंग पुरानी है या कहीं से करंट लीक हो रहा है, तो मीटर उसे भी रिकॉर्ड करता है, जिससे बिल बढ़ा हुआ प्रतीत हो सकता है। इसके अलावा, यदि स्वीकृत लोड से अधिक बिजली उपकरणों का उपयोग किया गया, तो यह तुरंत दर्ज हो जाएगा और नियमों के अनुसार भारी पेनल्टी भी लग सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने घर और दुकानों की वायरिंग की जांच अवश्य करवा लें तथा स्वीकृत लोड के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। साथ ही, सभी उपभोक्ताओं से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे अपना मोबाइल नंबर उपभोक्ता संख्या के साथ अनिवार्य रूप से लिंक करवाएं, ताकि समय-समय पर जरूरी सूचनाएं सीधे उन्हें मिलती रहें।
बंजार में स्मार्ट मीटर की शुरुआत, अब बिजली खपत पर रहेगी सीधी नज़र















