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भूस्खलन से बंजार में हाहाकार – सड़कें टूटीं, गांव खतरे में, राशन–गैस की किल्लत से लोग बेहाल

(फ्रंटपेज न्यूज़)

कुल्लू/बंजार। कुल्लू जिला के बंजार क्षेत्र में लगातार भूस्खलन और पहाड़ दरकने से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। दर्जनों गांव खतरे की जद में हैं। जगह-जगह सड़कों के बैठने और दरकने से आवाजाही ठप हो चुकी है। कई घर धराशायी होने की कगार पर हैं। लोग हर वक्त मौत के साए में जी रहे हैं।

औट–बंजार सड़क बंद, गांव कटे – हालात गंभीर

औट से बंजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह ठप हो चुकी है। जगह-जगह भूस्खलन और सड़क धंसने से संपर्क मार्ग टूट गए हैं। इसका सीधा असर ग्रामीणों के जीवन पर पड़ा है। कई पंचायतें और गांव अब बाहरी दुनिया से कट चुके हैं।

राशन और गैस की भारी किल्लत

सड़क बंद होने से बंजार में राशन और गैस की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है। आटा,चावल, दाल सब्जियां और रोज़मर्रा के जरूरी सामान गांवों तक नहीं पहुंच पा रहे। गैस सिलेंडरों की ऐसी किल्लत है कि लोग चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं। महिलाओं का कहना है कि अब दो वक्त का खाना जुटाना भी मुश्किल हो गया है। वही बाजार नगर में ना तो लाइट है और ना ही गैस की सप्लाई हो रही है जिस वजह से लोग काफी परेशान है

गांवों में मंडराया खतरा – पलायन की नौबत

भूस्खलन से कई घरों में दरारें पड़ गई हैं। कई जगह पहाड़ इस कदर दरक गए हैं कि घर कभी भी गिर सकते हैं। हालात से घबराकर लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे हर पल डर के साये में जी रहे हैं। बलागाड़ पंचायत का बेहलो गांव भूस्खलन की जड़ में आने की वजह से खाली करवाया जा चुका है  । बंजार के वार्ड नंबर 5 में नेशनल हाईवे में दरार आने से लगभग 15 से 20 घर भूस्खलन की जद में आ चुके हैं कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है

प्रशासन पर गंभीर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन केवल बैठकों और कागज़ी आदेशों तक सीमित हैं। ज़मीनी स्तर पर राहत कार्य कहीं नजर नहीं आ रहे। न तो अस्थायी सड़क बहाली हो रही है और न ही राहत सामग्री पहुंचाई जा रही। “हम मरते रहें, सरकार केवल बयानबाजी करती रहे – यही हाल है,” ग्रामीणों का गुस्सा फूटा।

मौत को दावत देती सड़कें

बंजार की सड़कों पर सफर करना अब जान जोखिम में डालने जैसा है। सड़कें धंस चुकी हैं, जगह-जगह गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। ऊपर से पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा हर वक्त बना हुआ है।

स्थानीयों लोगो की गुहार – तुरंत कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और प्रशासन से गुहार लगाई है कि राहत और बचाव कार्यों को तेज किया जाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो बंजार क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता है और कई गांव पूरी तरह तबाह हो सकते हैं।

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