फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
बंजार उपमंडल से दिल्ली, चंडीगढ़ और धर्मशाला के लिए सीधी लंबी दूरी की बस सेवाएं शुरू न होने से क्षेत्र का जनजीवन, व्यापार और पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसी गंभीर जनसमस्या को लेकर व्यापार मंडल बंजार ने अपने प्रधान परमेश शर्मा के नेतृत्व में उपमंडलाधिकारी (ना.) बंजार के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बंजार एक पूर्ण उपमंडल मुख्यालय होने के साथ-साथ जिभी वैली, तीर्थन वैली, घियागी, गड़ा-गुशैनी जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार है। वर्ष भर देश-विदेश से हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, इसके बावजूद बंजार से किसी भी बड़े शहर के लिए सीधी लंबी दूरी की बस सेवा का न होना क्षेत्र के साथ घोर उपेक्षा का प्रतीक है।
व्यापार मंडल के प्रधान परमेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में क्षेत्रवासियों को औट टनल के पास जाकर बसें पकड़नी पड़ती हैं, जहां अक्सर सीटें उपलब्ध नहीं होतीं। इस कारण बुजुर्गों, महिलाओं, मरीजों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसी जगहों की यात्रा व्यापारिक, शैक्षणिक और चिकित्सीय दृष्टि से अनिवार्य है, लेकिन सीधी बस सेवा के अभाव में यह आवश्यकता ही समस्या बन चुकी है।
प्रधान ने यह भी रेखांकित किया कि बंजार में हिमाचल पथ परिवहन निगम का सब-डिपो होने के बावजूद लंबी दूरी की बसों का संचालन न होना समझ से परे है। इससे न केवल आम जनता परेशान है, बल्कि स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, पर्यटन से जुड़े व्यवसाय और रोजगार पर भी प्रतिकूल आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है।
व्यापार मंडल ने मांग की है कि
प्रातः 4–5 बजे बंजार से दिल्ली अथवा चंडीगढ़ के लिए एक सीधी लंबी दूरी की बस,
तथा सायं लगभग 5 बजे जिभी/घियागी से रात्रि बस सेवा
शीघ्र शुरू की जाए।
परमेश शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीधी बस सेवाएं बंजार के व्यापार और पर्यटन के लिए जीवनरेखा साबित होंगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
व्यापार मंडल को विश्वास है कि प्रदेश सरकार जनभावनाओं और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देते हुए इस लंबे समय से लंबित मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
सीधी बस सेवा के अभाव में ठहर गया विकास, बंजार व्यापार मंडल ने सरकार से लगाई गुहार

