फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
आज बंजार में केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस और श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, ईंटक तथा सर्व कामगार संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने उपमंडल अधिकारी बंजार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।

धरने को संबोधित करते हुए एपीएमसी चेयरमैन कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति राम सिंह मियां ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार गरीब-मजदूरों के हितों पर कुठाराघात कर रही है। मनरेगा जैसी योजना, जिससे गांवों में काम और रोजगार मिलता था, उसे कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।

यह कदम कांग्रेस शासित राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर करने और करोड़ों मजदूर-कामगारों के साथ धोखा करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसान-मजदूर विरोधी नीतियां वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा।
सर्व कामगार संगठन हिमाचल प्रदेश के महासचिव अजीत राठौर ने कहा कि VB-G RAM G-2025 के नाम पर 125 दिन का काम मिलने की बात कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। पहले मनरेगा में 90 प्रतिशत राशि केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार देती थी, लेकिन अब इसे बदलकर 60:40 कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित संसाधनों वाले राज्यों के लिए 40 प्रतिशत हिस्सा जुटाना कैसे संभव होगा।
हिमालयन नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह ने जीएसटी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर-राजस्व दिल्ली में केंद्र के पास जमा होता है, जबकि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के पास आय के पर्याप्त साधन नहीं हैं। ऐसे में राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना गैर-भाजपा सरकारों को कमजोर करने की साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ी राज्यों के अस्तित्व और मजदूर-कामगारों के अधिकारों को लगातार दबाया जा रहा है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने खुंदन विश्राम गृह से उपमंडल अधिकारी बंजार के कार्यालय तक जुलूस निकाला और नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। शांतिपूर्ण लेकिन मुखर प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि मजदूर-किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर बंजार एकजुट है और जरूरत पड़ी तो संघर्ष और तेज होगा।


















