फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार ।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रों के पावन अवसर पर बंजार के प्रसिद्ध दुआला अंबिका माता मंदिर में पारंपरिक ‘दुआला जाच’ का आयोजन 25 व 26 मार्च को बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाएगा।

मंदिर के कारदार तरसेम गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अष्टमी के दिन इस धार्मिक आयोजन का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर बंजार क्षेत्र की पांच कोठियों के आराध्य देवता—श्रृंगा ऋषि, देवता घटोत्कच तथा गोपालपुर कोठी के आराध्य देवता लक्ष्मी नारायण—माता अंबिका के दरबार में विराजमान होकर दिव्य मिलन करेंगे। यह देव मिलन 25 मार्च को मंदिर परिसर में आयोजित होगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस भव्य आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी विशेष प्रबंध किया जाता है। भोजन व्यवस्था में बंजार व्यापार मंडल तथा नगर पंचायत बंजार के स्थानीय नागरिकों का सराहनीय योगदान रहता है। क्षेत्र के व्यापारी वर्ग भी इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं, जिससे आयोजन और भी भव्य रूप लेता है।
भंडारे के उपरांत कार्यक्रम में पारंपरिक हिमाचली लोकनृत्य नाटी का आयोजन किया जाता है, जिसमें स्थानीय लोग और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हैं और धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना देते हैं।
इसके अतिरिक्त, नवरात्रों के दौरान अंबिका माता मंदिर में नौ दिवसीय यज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है। नवमी के दिन पूर्णाहुति के साथ यज्ञ का समापन होगा, जिसके बाद सभी भक्तजन भंडारे के रूप में प्रसाद ग्रहण करेंगे।

यह आयोजन क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जो हर वर्ष लोगों को एकता और श्रद्धा के सूत्र में बांधता है।


















