फ्रंट पेज न्यूज़ बिलासपुर।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। कसारू गांव में घर के कामकाज के लिए रखी गई एक नौकरानी ने ही अपनी मालकिन के साथ विश्वासघात करते हुए वारदात को अंजाम दे दिया। आरोप है कि नौकरानी अपनी एक सहेली के साथ अचानक घर पहुंची और दोनों ने मिलकर मालकिन पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद दोनों महिलाएं घर से नकदी और सोने की चेन लूटकर मौके से फरार हो गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और चिंता देखने को मिल रही है।
घटना की शिकार करीब 50 वर्षीय सीमा देवी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले ज्योति नाम की महिला को घर के काम के लिए रखा था। पिछले कुछ दिनों से वह बिना बताए काम पर नहीं आ रही थी। इसी बीच एक दिन वह अचानक अपनी एक महिला साथी के साथ घर पहुंच गई।
शुरुआत में सीमा देवी को लगा कि वह फिर से काम शुरू करने आई है, लेकिन कुछ ही पलों में हालात बदल गए। दोनों महिलाओं ने अचानक सीमा देवी पर हमला कर दिया और उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से सीमा देवी पूरी तरह घबरा गईं और खुद को बचाने की कोशिश करती रहीं।
बताया जा रहा है कि हमलावर महिलाओं ने मारपीट के दौरान पीड़िता को डराया-धमकाया और जबरन करीब 20 हजार रुपये नकद छीन लिए। इतना ही नहीं, हाथापाई के दौरान उनके गले से सोने की चेन भी झपट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों महिलाएं मौके से फरार हो गईं। घायल अवस्था में किसी तरह सीमा देवी ने आसपास के लोगों को आवाज लगाई और बाद में पुलिस को घटना की सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह भी आशंका है कि यह घटना अचानक नहीं बल्कि पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा हो सकती है। माना जा रहा है कि आरोपी महिलाओं को घर की स्थिति, मालकिन के अकेले होने और घर के अंदरूनी हालात की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।

घटना की सूचना मिलते ही घुमारवीं पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि घरों में काम करने वाले लोगों का पूरा पुलिस सत्यापन करवाना बेहद जरूरी है। बिना पहचान और जांच के किसी को भी घर में काम पर रखने से इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
कसारू गांव में हुई इस वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है और घरेलू कामगारों को लेकर लोगों के मन में नई चिंता पैदा कर दी है।












