फ्रंट पेज न्यूज़ जिभी (बंजार)।
Jibhi Valley Tourism Development Association की नई कार्यकारिणी का गठन निर्विरोध तरीके से कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त संदीप कंवर और चुनाव अधिकारी जगदीश चंद की देखरेख में हुई चुनाव प्रक्रिया के बाद सभी पदों पर एक-एक नामांकन प्राप्त होने के कारण पूरी कार्यकारिणी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
नई कार्यकारिणी में रिटायर्ड कैप्टन किशन सिंह को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष चुना गया है, जिससे संगठन के भीतर स्थिर नेतृत्व और पर्यटन विकास की निरंतरता का संदेश गया है।

घोषित कार्यकारिणी के अनुसार टोपेंद्र ठाकुर को उपाध्यक्ष, लाल सिंह को कोषाध्यक्ष तथा खेम वर्मा को जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके अलावा संगठन का विस्तार करते हुए ललित ठाकुर को चीफ सेक्रेटरी, जगदीश चंद को जनरल सेक्रेटरी और स्पोक्सपर्सन, गौरव शर्मा को जॉइंट सेक्रेटरी तथा ऐलु राम को सीनियर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन में अंकित सूद को सीनियर कंसल्टेंसी, संदीप कंवर और पदम सिंह को सीनियर एडवाइजर, जय सिंह को बिजनेस डेवलपर, एडवोकेट विनय डोगरा को लीगल एडवाइजर नियुक्त किया गया है। वहीं दूनी चंद को मीडिया प्रभारी तथा मनदीप ठाकुर और ब्रिज मोहन को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद अध्यक्ष चुने गए कैप्टन किशन सिंह ने सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आगामी दो वर्षों के लिए संगठन का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि जिभी घाटी में तेजी से बढ़ रहे पर्यटन को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाना, कूड़ा प्रबंधन को व्यवस्थित करना और क्षेत्र की बढ़ती केयरिंग कैपेसिटी को संतुलित करना संगठन की प्राथमिकता होगी।
इसके साथ ही उन्होंने सभी पर्यटन और व्यावसायिक इकाइयों का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो होटल, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयां अभी तक पंजीकृत नहीं हुई हैं, उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां व्यवस्थित और टिकाऊ तरीके से संचालित हो सकें। उनके अनुसार संगठित पर्यटन व्यवस्था ही जिभी घाटी को लंबे समय तक एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाए रख सकती है।

इस दौरान उन्होंने National Highway 305 की खराब स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सरकार और संबंधित विभागों को अवगत कराया जाएगा।
यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो अप्रैल माह तक इस मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जा सकती है।












