फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्रकृति की सख़्त परीक्षा से गुजर रहा है। स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर ने पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगाड़ दिया है और हालात ऐसे बन गए हैं कि राहत की कोई गुंजाइश फिलहाल नजर नहीं आ रही। मंगलवार देर रात से शुरू हुई बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का सिलसिला दिन चढ़ने के साथ और ज्यादा उग्र होता चला गया। राजधानी शिमला में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली—पहले तेज बारिश, फिर आंधी और उसके बाद ऊपरी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई। रिज मैदान पर जहां पर्यटक छतरियां लेकर इस नज़ारे का आनंद लेते दिखे, वहीं स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए यह मौसम बड़ी चुनौती बन गया।

ऊंचाई वाले इलाकों में हालात और ज्यादा गंभीर हैं। शिमला, कुफरी और नारकंडा में दोपहर बाद फिर से ताजा हिमपात हुआ, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई और कई जगह लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। चंबा के भरमौर में करीब 6 इंच, स्पीति में 2 इंच, रोहतांग में 7 इंच, गोंदला में 8 इंच और केलांग में 4 इंच तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। किन्नौर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में भी लगातार बर्फ गिरने से जनजीवन ठहर सा गया है।
मौसम विभाग ने आज रात के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार प्रदेश के लगभग सभी जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर बाकी जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बिलासपुर और ऊना में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। ताजा बुलेटिन के मुताबिक बुधवार सुबह 9 बजे तक चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और शिमला के कुछ क्षेत्रों में भारी हिमपात हो सकता है।
लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से प्रदेश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कुफरी, फागू और छराबड़ा जैसे इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा और कई वाहन फिसलकर रास्ते में फंस गए। मंडी जिले के निहरी क्षेत्र के चौकी इलाके में करीब 30 लोग बर्फ के बीच फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। अटल टनल में भी दो युवकों के फंसे होने की सूचना मिली, जिन्हें समय रहते रेस्क्यू कर लिया गया।
इस पूरे सिस्टम का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। तेज हवाओं, शीतलहर और लगातार बारिश-बर्फबारी से प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री नीचे चला गया है। ऊना में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है, जहां तापमान सीधे 9 डिग्री लुढ़ककर 12.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
प्रदेश में हालात पहले से ही खराब हैं। बीते दिनों की भारी बारिश और बर्फबारी के कारण 3 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत करीब 750 सड़कें बंद पड़ी हैं। 1500 से ज्यादा बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हैं और 175 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से कई इलाकों में पानी और बिजली की भारी किल्लत है। ताजा बर्फबारी के बाद शिमला, चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में और भी कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
मौसम के अलर्ट को देखते हुए एहतियातन कुल्लू जिले के बंजार, कुल्लू और मनाली डिवीजन में बुधवार को भी सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन का साफ कहना है कि सड़कें बर्फ से ढकी हैं और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता।
आगे भी राहत के आसार कम ही दिख रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 28 और 29 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर कुछ कमजोर पड़ेगा और केवल ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश-बर्फबारी होगी। 30 जनवरी को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है, लेकिन 31 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय होगा और दो फरवरी तक प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। यानी साफ है कि हिमाचल को फिलहाल मौसम की इस मार से जल्दी निजात मिलने वाली नहीं है।




























