फ्रंट पेज न्यूज डेस्क
भारत में करोड़ों कर्मचारियों और निवेशकों के रिटायरमेंट भविष्य को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत निश्चित (गारंटीड) पेंशन की व्यवस्था तैयार करने के लिए एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश में बढ़ती उम्र की आबादी और रिटायरमेंट के बाद स्थायी आय की चिंता एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक मुद्दा बनती जा रही है। PFRDA का मानना है कि यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
रिटायरमेंट के बाद स्थायी और सम्मानजनक आय पर फोकस
PFRDA ने अपने बयान में कहा है कि यह पूरी पहल पेंशन नियामक अधिनियम के अनुरूप है और इसका मुख्य उद्देश्य NPS से जुड़े करोड़ों अंशधारकों को रिटायरमेंट के बाद नियमित, स्थिर और सुरक्षित आय उपलब्ध कराना है।
अब तक NPS मुख्य रूप से बाजार आधारित रिटर्न पर निर्भर रहा है, लेकिन नई व्यवस्था के जरिए निश्चित पेंशन का एक ढांचा तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जिससे बुजुर्गों को भविष्य की अनिश्चितताओं से राहत मिल सके।
डॉ. एम. एस. साहू को सौंपी गई कमेटी की कमान
इस 15 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी की अध्यक्षता डॉ. एम. एस. साहू, पूर्व चेयरमैन, दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) करेंगे।
इस समिति में:
कानून के विशेषज्ञ
वित्त और पूंजी बाजार के जानकार
मूल्यांकनकर्ता
और शिक्षा जगत से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ
शामिल किए गए हैं, ताकि इस पूरे सिस्टम को तकनीकी, कानूनी और वित्तीय रूप से मजबूत बनाया जा सके।
इसके अलावा, समिति को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह जरूरत पड़ने पर बाहरी विशेषज्ञों और संस्थानों से परामर्श ले सके। यह समिति भविष्य में स्थायी पेंशन भुगतान से जुड़े मामलों पर एक स्थायी सलाहकार निकाय के रूप में भी काम करेगी।
एक्सपर्ट कमेटी क्या-क्या काम करेगी?
इस समिति की जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
निश्चित पेंशन के लिए नियम और रूपरेखा तैयार करना
बाजार आधारित गारंटी मॉडल पर काम करना
पेंशन भुगतान के ऑपरेशनल ढांचे को विकसित करना
जोखिम प्रबंधन और कानूनी निगरानी की व्यवस्था बनाना
NPS अंशधारकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
यानी, यह कमेटी यह तय करेगी कि कैसे बाजार से जुड़े जोखिमों के बावजूद लोगों को भरोसेमंद और नियमित पेंशन दी जा सके।
PFRDA की भूमिका क्यों है इतनी अहम?
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सांविधिक नियामक संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य है:
पेंशन फंड सिस्टम का विकास और नियमन
रिटायरमेंट के बाद लोगों की आय सुरक्षा को बढ़ावा देना
और पेंशन योजनाओं से जुड़े निवेशकों के हितों की रक्षा करना
NPS में निश्चित पेंशन की यह पहल भारत के पेंशन सिस्टम में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव साबित हो सकती है।
आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब?
अगर यह योजना सफल होती है, तो भविष्य में NPS से जुड़े निवेशकों को:
रिटायरमेंट के बाद निश्चित और भरोसेमंद मासिक आय मिलेगी
बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता कम होगी
और बुजुर्गों को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन जीने का मजबूत आधार मिलेगा।





























