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सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों की अयोग्यता पर सख्त निर्देशपंचायती राज चुनावों से पहले चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी

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फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश की ओर से पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर एक अहम पत्र जारी किया गया है। यह पत्र जिला शिमला के सभी उप-मंडलीय अधिकारियों (SDO) तथा सभी रिटर्निंग ऑफिसर-कम-खंड विकास अधिकारियों (BDO) को संबोधित है।
क्या है पूरा मामला?
पत्र में राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र संख्या SEC(F)10-21/2020-1-5709-5721 दिनांक 08-12-2025 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे, जैसा कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 122(1)(c) में प्रावधान है।
हाईकोर्ट के फैसले का हवाला
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने अपने पत्र में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले का भी उल्लेख किया है।
CWPs संख्या 3039 व 3040/2025 (श्री गुरदेव बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य) में 20 मई 2025 को दिए गए निर्णय में न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—
यदि किसी व्यक्ति ने अतिक्रमित सरकारी भूमि के नियमितीकरण (Regularization) के लिए आवेदन भी किया है, तब भी वह व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा।
चुनाव अधिकारियों को क्या निर्देश?
पत्र के माध्यम से सभी SDO और RO/ARO से अनुरोध किया गया है कि वे इन निर्देशों को आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के दौरान सभी रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (RO/ARO) के संज्ञान में अनिवार्य रूप से लाएं, ताकि नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की भ्रम या त्रुटि न हो।
प्रशासन की सख्त मंशा
यह पत्र स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य निर्वाचन व्यवस्था सरकारी भूमि पर अतिक्रमण जैसे मामलों में कोई ढील नहीं बरतेगी और चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए कानूनी प्रावधानों व न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

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