फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
हिमाचल प्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन को लेकर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एक ठोस और दूरदर्शी पहल की शुरुआत की है। उनका स्पष्ट कहना है कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल शहरों तक सीमित विकास नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की हर पंचायत को बेहतर और मजबूत सड़क सुविधा से जोड़ना है, ताकि विकास की रफ्तार गांवों तक समान रूप से पहुंचे।
अब सड़कें नहीं टूटेंगी, तकनीक बनेगी ढाल
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि शिमला शहर और आसपास के वे क्षेत्र, जहां बरसात के दौरान जलभराव से सड़कें जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाती थीं, वहां अब सीजीएमजी (CGMG) तकनीक से सड़कें बनाई जा रही हैं। इस आधुनिक तकनीक से बनी सड़कें न केवल अधिक मजबूत होंगी, बल्कि मानसून के कठिन दौर में भी लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगी।
इस तकनीक का पहला प्रयोग बढ़ई से चिड़ियाघर तक बनने वाली सड़क से किया जा रहा है, जिसे भविष्य के लिए एक मॉडल परियोजना माना जा रहा है।
पंचायत भवन का लोकार्पण, विकास का संदेश
यह बातें मंत्री ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बढ़ई में 1.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पंचायत सामुदायिक भवन के लोकार्पण अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर मजबूत बुनियादी ढांचा ही ग्रामीण विकास की असली नींव होता है।
वीरभद्र सिंह के सपनों को दी जा रही है दिशा
इस अवसर पर मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि उनका सपना था कि शिमला शहर और आसपास के इलाकों में पर्याप्त वाहन पार्किंग की सुविधा हो। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए संकट मोचन में पार्किंग का निर्माण किया गया है।
इसके साथ ही विकास नगर, ऑकलैंड, लिफ्ट, संजौली, टूटीकंडी और टुटू जैसे क्षेत्रों में भी पार्किंग सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिल रही है।
बढ़ई पंचायत में करोड़ों के विकास कार्य
मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में बढ़ई पंचायत में विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 17 लाख रुपये विधायक निधि से जबकि 72 लाख रुपये अन्य मदों से जारी किए गए हैं। शेष राशि से सड़क, भवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति दी गई है।
राजनीति से ऊपर विकास
विक्रमादित्य सिंह ने साफ कहा कि प्रदेश में विकास कार्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किए जा रहे हैं। करीब 90 हजार की आबादी वाले शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों को समान रूप से विकास निधि उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि कोई भी क्षेत्र पीछे न रह जाए।
सीजीएमजी जैसी आधुनिक तकनीक और संतुलित विकास नीति के साथ हिमाचल की सड़कें अब सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि प्रगति की मजबूत बुनियाद बन रही हैं।




























