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44 करोड़ मंजूर, सड़कें फिर भी अधर में—बंजार में काम बंद होने पर सुक्खू सरकार पर शौरी का तंज

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44 करोड़ का प्रोजेक्ट ठप! बंजार की सड़कें बन गईं Breaking News!

फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।

केंद्र से स्वीकृत करोड़ों की राशि होने के बावजूद बंजार क्षेत्र में PMGSY के तहत चल रही चारों सड़क परियोजनाएँ पूरी तरह ठप हो चुकी हैं, और इसी मुद्दे पर बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी ने सुक्खू सरकार पर तीखा प्रहार किया है।

MLA Banjar Surender shoury

विधानसभा में पूछे गए अपने प्रश्न के जवाब पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विभागीय उत्तर ने खुद यह उजागर कर दिया है कि सरकार न तो ठेकेदार पर नियंत्रण रख पा रही है और न ही केंद्र द्वारा भेजी गई रकम का सही उपयोग सुनिश्चित कर रही है। PMGSY–III के अंतर्गत सैंज न्यूली–करताह, डमोठी–बरठीधार, ढोरू रोपा–पलाच और बंजार–बठाड़ जैसी चार महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों के लिए कुल 44.31 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन आज इन चारों सड़कों पर काम शून्य पर आकर रुक गया है।

सरकार ने स्वयं माना है कि सभी परियोजनाओं की निविदा M/s Garg Sons Estate Promoters Pvt. Ltd. को आवंटित की गई थी और इस वर्ष की बरसात के बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि विभाग को ठेकेदार पर 1.63 करोड़ रुपये का जुर्माना तक लगाना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विधायक शौरी ने कहा कि बंजार क्षेत्र की जनता को विकास के नाम पर केवल कागजी वादे और भाषण मिल रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सड़कें अधर में लटकी पड़ी हैं और ग्रामीण रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि महीनों से रुके पड़े कार्यों के कारण बच्चों की स्कूल आवाजाही, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएँ, किसानों की फसल ढुलाई तथा स्थानीय आवागमन सबकुछ बाधित हो रहा है, लेकिन सरकार सिर्फ इतना कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है कि विभाग ठेकेदार के संपर्क में है। शौरी ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की निष्क्रियता का स्पष्ट प्रमाण बताया। उनका कहना है कि जब करोड़ों रुपये उपलब्ध होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पा रहा, तो यह सुक्खू सरकार की अब तक की सबसे बड़ी असफलता है। उन्होंने माँग की कि सरकार तुरंत प्रभावी कदम उठाए, परियोजनाओं को पुनः शुरू करवाए और बंजार की जनता से किए वादों को निभाए, क्योंकि इन सड़कों को ऐसे ही लावारिस छोड़ देना ग्रामीणों के लिए बड़े संकट का कारण बन चुका है।

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