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✅ अब “हाफ” या “फुल” नहीं चलेगा! हिमाचल के होटलों में हर डिश के साथ लिखा जाएगा कितना ग्राम खाना मिलेगा 🍽️⚖️

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बिलासपुर,(फ्रंटपेज न्यूज़)
➡️ पारदर्शिता बढ़ाने का सरकार का नया कदम — ग्राहकों को मिलेगा “ग्राम दर ग्राम” हिसाब 📏


🏞️ हिमाचल प्रदेश में खाने की थाली अब और भी पारदर्शी बनने जा रही है! अब जब आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में दाल मखनी, मटर पनीर या राजमा चावल ऑर्डर करेंगे, तो आपको सिर्फ “हाफ” या “फुल” प्लेट नहीं मिलेगा — बल्कि मेन्यू कार्ड में साफ़ लिखा होगा कि आपको कितने ग्राम में कितना खाना परोसा जाएगा 🧾🥘

यह बड़ा और स्वागत योग्य बदलाव हिमाचल सरकार और विधिक माप विज्ञान विभाग के संयुक्त अभियान के तहत लागू किया गया है।


🔍 📌 नया क्या है? अब हर डिश के साथ होगा वजन का हिसाब 📐

अब सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपने मेन्यू कार्ड में प्रत्येक व्यंजन के सामने उसकी सटीक वजन (ग्राम में) का उल्लेख करना होगा।

🧾 उदाहरण देखें:

🍛 मटर पनीर — ₹180 (250 ग्राम)
🍲 दाल तड़का — ₹140 (200 ग्राम)
🥦 मिक्स वेज — ₹160 (225 ग्राम)

पहले “हाफ” और “फुल” जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता था, जिसकी कोई मानक परिभाषा नहीं थी। एक ही डिश कहीं 150 ग्राम में, तो कहीं 300 ग्राम में दी जाती थी — ग्राहक भ्रमित और असंतुष्ट रहते थे।


📣 प्रशासन सख्त: नियम नहीं माने तो लगेगा भारी जुर्माना 💸⚠️

विधिक माप विज्ञान विभाग के सहायक नियंत्रक प्रवीण सिउटा ने साफ़ कहा:

🗣️ “यह नया नियम उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत लागू किया गया है। होटल मालिकों को चेतावनी दी गई है कि अगली जांच से पहले अपने मेन्यू कार्ड अपडेट करें।”

❌ यदि कोई रेस्टोरेंट नियमों का पालन नहीं करता, तो उस पर ₹2000 से ₹25,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
👉 शुरुआत में विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है, लेकिन जल्द ही औचक निरीक्षण भी शुरू होंगे।


🙋‍♂️ ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा 👍✅

यह बदलाव खाद्य पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब ग्राहक यह जान सकेंगे कि वे जो भुगतान कर रहे हैं, उसके बदले में उन्हें सटीक मात्रा में क्या मिल रहा है।

🍽️ खाना अब सिर्फ स्वाद का ही नहीं, मानक का भी विषय बन जाएगा।


👨‍🍳 होटल मालिकों की नई चुनौती 🧾🔧

👉 होटल व्यवसायियों को अब:

  • अपने मेन्यू कार्ड दोबारा डिज़ाइन करने होंगे
  • अपने किचन स्टाफ को ट्रेनिंग देनी होगी
  • प्रत्येक डिश के लिए मानक वजन तय करना होगा
  • सुनिश्चित करना होगा कि परोसी गई प्लेटें उसी मानक के अनुरूप हों

⏳ यह प्रक्रिया थोड़ी मेहनत वाली है, लेकिन ग्राहकों का भरोसा जीतने में मददगार भी होगी।


हिमाचल सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो बाकी राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है।
✅ अब खाना सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, पारदर्शी भी होगा
🍽️ अगली बार आप होटल जाएं तो “हाफ प्लेट” कहने से पहले ज़रूर पूछिए —
“कितने ग्राम मिलेगा?” 😄

🔚 निष्कर्ष: “अब हाफ नहीं, ग्राम बताएगा सच्चाई!” 📏📢

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