फ्रंट पेज न्यूज़ (प्रमेश शर्मा) बंजार।
पंचायत चुनावों के दौरान जहां अधिकांश मतदान केंद्र सड़क सुविधा से जुड़े हुए हैं, वहीं विकासखंड बंजार की शाक्टी–मरौड़ पंचायत आज भी दूरस्थ क्षेत्र में गिनी जाती है ।

यह क्षेत्र विकासखंड का सबसे दुर्गम और रिमोट इलाका माना जाता है, जहां आज भी सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ महसूस की जाती है।

यहां के ग्रामीण वर्षों से कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। कई किलोमीटर लंबे दुर्गम और पैदल रास्तों से होकर लोग अपने दैनिक कार्यों को पूरा करते हैं। पहाड़ों के बीच बसे इस क्षेत्र तक पहुंचना आसान नहीं, लेकिन लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और चुनाव कर्मी भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुटे हुए हैं।


पंचायत चुनाव 2026 के तहत शाक्टी मतदान केंद्र के लिए नियुक्त पोलिंग पार्टियां आज शाम तक अपने गंतव्य तक पहुंचकर उपस्थिति दर्ज करवाएंगी। कठिन पहाड़ी रास्तों और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद चुनाव कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए उत्साह के साथ रवाना हुए हैं। 26 मई को इसी दुर्गम क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाई जाएगी।

हालांकि इस दौरान कर्मचारियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र उनके लिए एक यादगार अनुभव भी बन जाएगा। ऊंचे पहाड़, शांत वातावरण और प्रकृति की गोद में बसे इस स्थल पर कुछ दिन बिताना कई कर्मचारियों के लिए विशेष अनुभव रहेगा।

चुनाव ड्यूटी पर जा रहे कई कर्मियों का मानना है कि उन्हें ऐसे मनोहारी और अनोखे स्थान पर सेवा देने का अवसर मिला है, जो जीवनभर याद रहेगा।

बंजार खंड में अन्य भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां आज भी पैदल चलकर ही पहुंचना पड़ता है, लेकिन शाक्टी–मरौड़ पंचायत को इस क्षेत्र का सबसे दूरस्थ और दुर्गम स्थान माना जाता है। बावजूद इसके, लोकतंत्र की मजबूती के लिए यहां भी मतदान प्रक्रिया पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करवाई जाएगी।














