फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
बंजार क्षेत्र में क्रिसमस और नववर्ष के मद्देनज़र भारी ट्रैफिक जाम की आशंका गहराने लगी है। पहले से ही एनएच-305 की जर्जर स्थिति के कारण स्थानीय लोगों, पर्यटकों, पर्यटन कारोबारियों और रोज़मर्रा के यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। आगामी दो सप्ताह यह समस्या और गंभीर हो सकती है, क्योंकि जीभी वैली, तीर्थन वैली सहित आसपास के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की आवाजाही तेज़ होने की संभावना है।
प्रशासन द्वारा निर्धारित समयावधि में कुछ भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने के बावजूद जाम की समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह डमोठी–भरठीधार वैकल्पिक मार्ग का समय रहते बहाल न होना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मार्ग चालू रहने पर लगभग 50 प्रतिशत ट्रैफिक का दबाव कम कर देता था, लेकिन पिछले चार महीनों से इसके बंद रहने के कारण पूरा यातायात एनएच-305 पर सिमट गया है। इसका सीधा असर बंजार बाईपास पर भी देखा जा रहा है।
ग्राम पंचायत तांदी के प्रधान परस राम ने बताया कि डमोठी–भरठीधार सड़क बहाल न होने से बंजार–तांदी बस सेवा पिछले पांच महीनों से ठप पड़ी है। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि यह वैकल्पिक मार्ग समय पर खुल गया होता, तो पर्यटन सीजन में जाम की स्थिति इतनी गंभीर न होती।
वहीं, जेवीटीडीए (JVTDA) के अध्यक्ष किशन चौहान ने आशंका जताई कि एनएच-305 की खराब हालत और अत्यधिक ट्रैफिक के चलते क्रिसमस और नववर्ष के दौरान जाम लगना लगभग तय है। उन्होंने सुझाव दिया कि पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जाए। साथ ही, जहां सड़कें अधिक खराब हैं, वहां जेसीबी मशीनें और अन्य वैकल्पिक संसाधन पहले से तैनात रखे जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सड़क बंद न हो और जाम से तुरंत निपटा जा सके।
होटल व्यवसायी रोशन लाल ठाकुर ने कहा कि डमोठी–भरठीधार सड़क बंद रहने से उनके क्षेत्र के पर्यटन और व्यवसाय पर नकारात्मक असर पड़ा है। यह मार्ग उनके इलाके को सीधे जोड़ता है, लेकिन इसके बंद होने से पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय रोजगार और पर्यटन आय पर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों ने प्रशासन से मांग की है कि वैकल्पिक मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द बहाल किया जाए और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए ठोस एवं दीर्घकालीन कदम उठाए जाएं, ताकि त्योहारी सीजन में आम जनता और पर्यटकों को राहत मिल सके और क्षेत्र की पर्यटन छवि भी प्रभावित न हो।

